हाथरस-5 नवम्बर। कस्बा हाथरस जंक्शन के कैलोरा पर सासनी-जलेसर मार्ग पर बने रेलवे ओवरब्रिज की गुणवत्ता की जांच और मरम्मत की मांग को लेकर आज आठवें दिन भी धरना जारी रहा। यह आंदोलन गत 29 अक्टूबर से चल रहा है। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन पर उनकी मांगों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने जल्द समाधान नहीं होने पर चक्काजाम और आमरण अनशन की चेतावनी दी है।।
धरनास्थल पर मौजूद गिरीश सेंगर ने बताया कि ओवरब्रिज के उद्घाटन के करीब ढाई से तीन महीने के भीतर सड़क पर गड्ढे हो गए और वह क्षतिग्रस्त हो गई। उनका आरोप है कि शिकायत के बाद पुल बंद कर दिया गया, लेकिन मरम्मत नहीं कराई गई।गिरीश सेंगर के मुताबिक, एक तरफ के रास्ते पर दोनों दिशाओं के वाहन चलने से आए दिन जाम लगता है। इससे नियमित यात्रियों को परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा है कि आंदोलन अनिश्चितकालीन है। फिलहाल शांतिपूर्ण धरना दिया जा रहा है, लेकिन जरूरत पड़ने पर आमरण अनशन और सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
धरने पर बैठे मुंशी सिंह ने कहा कि नया पुल कुछ ही समय में क्षतिग्रस्त हो गया। उन्होंने पुल को सही तरीके से दोबारा बनाने और निर्माण में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता जांचने की मांग की है। उनका आरोप है कि प्रशासन ने अब तक मांगों पर सुनवाई नहीं की। उन्होंने भी अनशन और चक्काजाम की चेतावनी दी। कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष ब्रह्मदेव शर्मा ने कहा कि धरना आठवें दिन में पहुंच गया है, लेकिन अब तक कोई अधिकारी उनकी समस्याएं सुनने धरना स्थल पर नहीं आया। उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। जरूरत पड़ने पर क्रमिक अनशन और आमरण अनशन किया जाएगा।प्रदर्शनकारियों ने ओवरब्रिज की गुणवत्ता जांचने और क्षतिग्रस्त सड़क की मरम्मत कर यातायात शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि पुल के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए हैं। धरना पर ब्रजमोहन मदनावत, बाबा मुंशी सिंह आदि मौजूद थे।













