हाथरस।शिक्षक दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक क्षेत्रीय कार्यालय परिसर में शिक्षक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। समारोह में जनपद के विभिन्न विद्यालयों एवं शिक्षण संस्थानों से जुड़े प्रमुख शिक्षकों एवं शिक्षाविदों को शिक्षा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
क्षेत्रीय प्रबंधक रामशरण वर्मा ने शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र भेंट किए । उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र के भविष्य के वास्तविक शिल्पकार हैं। शिक्षक विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि उनमें संस्कार, अनुशासन, नैतिकता, संवेदनशीलता और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी विकसित करते हैं।उन्होंने कहा कि वर्तमान तकनीकी युग में सूचनाओं की भरमार है, लेकिन सूचना को ज्ञान और ज्ञान को विवेक में बदलने का कार्य शिक्षक ही कर सकते हैं। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षक सीमित संसाधनों के बावजूद विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने तथा उन्हें आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
इस अवसर पर भारत के महान दार्शनिक एवं शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का भी स्मरण किया गया। 5 सितंबर 1888 को जन्मे डॉ. राधाकृष्णन ने अपना जीवन शिक्षा, दर्शन और राष्ट्र सेवा को समर्पित किया। उनके शिक्षा संबंधी विचार आज भी शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उनकी जयंती को शिक्षक दिवस के रूप में मनाकर देश शिक्षकों के प्रति अपनी कृतज्ञता व्यक्त करता है।समारोह में वक्ताओं ने कहा कि एक शिक्षक द्वारा विद्यार्थी के जीवन में जगाई गई ज्ञान और संस्कार की ज्योति आने वाली कई पीढ़ियों को प्रकाशित करती है। शिक्षकों का सम्मान वास्तव में ज्ञान, संस्कार और राष्ट्र निर्माण की शक्ति का सम्मान है।
कार्यक्रम में क्षेत्रीय कार्यालय के समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। बैंक की इस पहल की शिक्षकों ने सराहना करते हुए इसे शिक्षक समुदाय के उत्साहवर्धन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। इस कार्यक्रम के साथ साथ उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक की जनपद में स्थित अनेक शाखाओं में भी शिक्षकों के सम्मान में समारोह आयोजित किये गए l












