आत्महत्या निषेध माह के अंतर्गत हुआ आयोजन जिन्दगी से निराश होकर आत्महत्या करना बहादुरी नहीं


हाथरस l कौन कहता है आसमान में छेद नहीं हो सकता , एक पत्थर तो तबियत से उछालो यारों जेसी उत्साहपूर्ण प्रेरणा देता हुआ अलीगढ़ रोड स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के आनंदपुरी कॉलोनी केंद्र के द्वारा आत्महत्या निषेध माह के अंतर्गत इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज़, सासनी में ”आत्महत्या नहीं , राहें और भी बहुत हैं ” कार्यक्रम का आयोजन किया गया |
ज्ञात हो कि विगत दिनों नीट परीक्षा रद्द होने पर कई युवाओं ने आत्महत्या कर ली थी| उसी घटना को ध्यान में रखते हुए प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा यह आयोजन किये जा रहे हैं|
इस अवसर पर आनंदपुरी कॉलोनी केंद्र प्रभारी बी के शांता बहिन ने अपने संबोधन में कहा कि सब सोचने का नजरिया होता है | किसी के लिए जीवन संघर्ष , किसी के लिए जीवन संगीत , किसी के लिए जीवन कष्ट , कोई जीवन को आनंद के रूप में महसूस कर रहा होता है | जीवन है तो सुख भी है, दुःख भी है | जब सुख स्वीकार है तो दुःख को भी स्वीकार करना होगा | लेकिन इससे दुखी होकर समाप्ति करना कोई बहादुरी नहीं | क्यों कि आत्मा तो मरेगी नहीं, वह दुःख के संस्कार ले जाएगी और आगे भी दुखी होना होगा | जिन्दगी से निराश होकर आत्महत्या करना बहादुरी नहीं , यह सोचना भी कायरता है | उन्होंने कमेंट्री योग भी कराया।
बी के दिनेश भाई ने स्वामी विवेकानंद ,अरुणिमा सिन्हा, पूर्व राष्ट्रपति कलाम , लिंकन, कपिल शर्मा , आचार्य धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री आदि के उदाहरण देते हुए बताया कि कुछ लोग विपरीत परिस्थति आने पर टूट जाते हैं और कोई विपरीत परिस्थति आने पर रिकॉर्ड तोड़ देते हैं |

इसलिए मह्पुरुसों से प्रेरणा लेते हुए जिन्दगी को खत्म न कर , परिस्थति को खत्म करना उद्देश्य बना लेना चाहिए | गजेंद्र भाई द्वारा भी संबोधन किया गया |इस अवसर पर प्रधानाचार्य एल एन शर्मा सहित इंस्टिट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज़, के सभी शिक्षक उपस्थित थे।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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