
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में शनिवार को जनपद न्यायाधीश विनय कुमार-तृतीय की अध्यक्षता में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न प्रकृति के कुल 79,510 वादों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया।
लोक अदालत में 36 मोटर दुर्घटना प्रतिकर मामलों का निस्तारण कर पीड़ितों को ₹3.30 करोड़ से अधिक का मुआवजा दिलाया गया। वहीं, धारा 138 एनआई एक्ट के 16 मामलों में ₹37.74 लाख से अधिक की समझौता राशि दिलाई गई। इसके अलावा बैंक ऋण के 612 प्रिलिटिगेशन मामलों में ₹4.56 करोड़ से अधिक का समझौता हुआ।
20 साल पुराने मुकदमों का आपसी सहमति से अंत
इस लोक अदालत में वर्षों से लंबित मामलों का निपटारा आकर्षण का केंद्र रहा। सादाबाद न्यायालय में लगभग 20 वर्षों से लंबित लालाराम बनाम कोमल प्रसाद (मूलवाद संख्या 113/05) और वर्ष 2002 के एक फौजदारी मामले का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण कराया गया।
प्रधान न्यायाधीश विजय डूंगराकोटि के प्रयासों से परिवार न्यायालय में चल रहे विवादों में 8 जोड़ों के बीच सुलह कराई गई। ये जोड़े आपसी गिले-शिकवे भूलकर हंसी-खुशी एक साथ अपने घर लौटे। कार्यक्रम के समापन पर नोडल अधिकारी प्रशांत कुमार एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनु चौधरी ने सभी न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और प्रशासनिक कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।











