प्रभु असीम हैं, निराकार हैं-संत राजिंदर सिंह जी महाराज

हाथरस। सावन कृपाल रूहानी मिशन की शाखा कृपाल आश्रम गौशाला मार्ग पर दयाल पुरुष संत दर्शन सिंह जी महाराज के मधुर कंठ से बाबा फरीद जी की वाणी लेते हुए गुरु और आत्मा नामक शीर्षक पर ऑडियो वीडियो के माध्यम से संत्सग प्रसारित किया गया।
महाराज जी द्वारा समझाया गया कि गुरु वो ताकत है जो हमारी आत्मा को इस दुनियावी प्रेम की अपेक्षा रूहानी प्रेम की ओर ले जाते हैं।इसी श्रृंखला में मिशन के प्रमुख व विश्व विख्यात संत राजिंदर सिंह जी महाराज ने आत्मा का परमात्मा से मिलन नामक शीर्षक पर सत्संग फरमाया।महाराज जी ने बताया कि जब हम बहुत मुश्किलों में घिरे हुए होते हैं तो उन मुश्किलों को दूर करने की पूरी कोशिश करते हैं। परन्तु कभी कभी मुश्किलें इतनी जटिल होती हैं जो हमारे अथक प्रयासों के वाबजूद भी समाप्त नहीं होती हैं।तब हम परमात्मा को याद करते हैं और प्रार्थना करते हैं कि हे पिता परमेश्वर मेरी संभाल करो, अब आपके सिवाय कोई और नहीं है जो मुझे सहारा देकर मेरी मुश्किलों को दूर करो।इसलिए घर गृहस्थी में होते हुए या फिर दुनिया के किसी भी कोने में होते हुए, हमें अपना ध्यान बाहर की दुनियां से हटाकर अंदर की दुनियां में लगाना चाहिए। प्रभु हमसे दूर नहीं, कहीं जंगलों या पहाड़ों में भी नहीं बल्कि वो तो हर पल हर क्षण हमारे अंगसंग ही हैं।


प्रभु असीम हैं, निराकार हैं। प्रभु को हम किसी रूप में भी नहीं है। प्रभु के दो ही स्वरूप हैं पहला ज्योति और दूसरा है श्रुति।हम प्रभु के दोनों स्वरूपों का अनुभव कर सकते हैं और उसके लिए हम शांत अवस्था में पहुंचकर अपनी आत्मा का अनुभव करना होता है।एक सच्चा व पूर्ण सतगुरु हमें अपनी शरण लेकर हमें आत्म अनुभव की कुंजी देकर प्रभु में लीन कराने में सहायक होते हैं।
इसी कड़ी में जनपद की अन्य दो शाखाओं क्रमशः राजिंदर आश्रम ग्राम वीरनगर एवं कृपाल आश्रम ग्राम पिछोंती पर भी आध्यात्मिक सत्संग आयोजित किया गया।सत्संग के दिन शाखा पर अन्य गतिविधियां जैसे छोटे बच्चों हेतु बाल सत्संग व निःशुल्क राजिंदर सिलाई सेंटर, निःशुल्क कंप्यूटर प्रषिक्षण केन्द्र,निःशुल्क चिकित्सा सुविधा, दर्शन लाईब्रेरी आध्यात्मिक पुस्तक स्टॉल कृपाल प्याऊ भी लगाई गई।कार्यक्रम के बाद सभी संगत को अटूट लंगर भी परोसा गया।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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