न्यायिक और शासकीय कार्यों से अधिवक्ता रहे विरततहसील के समस्त न्यायालयों और कार्यालयों में कामकाज रहा ठपसिकंदराराऊ । तहसील परिसर में उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार के खिलाफ अधिवक्ताओं का धरना प्रदर्शन पांचवे दिन शनिवार को भी जारी रहा। भ्रष्टाचार के विरोध में 12 अक्टूबर से शुरू हुआ यह आंदोलन समस्याओं के समाधान तक जारी रखने का संकल्प लिया गया है। इस दौरान अधिवक्ता पूरी तरह न्यायिक और शासकीय कार्यों से विरत रहे, जिससे तहसील की सभी अदालतों और कार्यालयों में कामकाज ठप रहा।
धरना सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि तहसील में व्याप्त भ्रष्टाचार की वजह से आम जनता के हितों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही कार्यों को समय सीमा के भीतर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से नहीं किया गया, तो आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा। सभा की अध्यक्षता दी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डी.के. चौहान ‘शोला’ ने की तथा संचालन पूर्व अध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव (एडवोकेट) ने किया। अध्यक्ष शोला ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक रूप से जनता से जुड़ी हुई कई बड़ी समस्याएं हैं और प्रशासन को जल्द से जल्द इनका समाधान करना होगा। इस मौके पर सचिव राजेश बघेल, के.एम. कुलश्रेष्ठ, अवनेश कुमार शर्मा, विपिन कुमार, उमेश चंद्र शर्मा, कल्लू सिंह कुशवाह, रवेंद्र यादव, प्रमोद बघेल, कोषाध्यक्ष जितेंद्र कुमार, सुरेश चंद्र, राधे श्याम यादव, सत्यप्रकाश गौला, राजकुमार सिंह, प्रियांशु दरगढ़, दीपेश पाठक, रूपेंद्र सिंह बघेल, अनिल कुमार, मुनेश यादव, राहुल कुमार वर्मा, समीर यादव, सुखवीर सिंह यादव, राधेश्याम बघेल, कोमल सिंह, दिनेश माहौर, उपेंद्र यादव, चंद्रप्रकाश बघेल और विनय कुमार आदि मौजूद रहे।










