पुष्प वाटिका में माता सीता ने प्रभु श्रीराम को देखा 

पुष्प वाटिका में माता सीता ने प्रभु श्रीराम को देखा

सिकंदराराऊ। कस्बे में चल रहे रामलीला महोत्सव के तहत रामलीला मैदान मंच पर मंगलवार की रात्रि को वृंदावन से आई मंडली के कलारों द्वारा गौरी पूजन, राम-लक्ष्मण का पुष्प वाटिका में जाना और रावण वाणासुर संवाद का बड़ा ही सुंदर मंचन किया । कलाकारों द्वारा लीला का मंचन करते हुए दिखाया कि जब सीताजी ने पुष्पवाटिका में श्रीराम को देखा तो पिता जनकराज का शिव धनुष संबंधी प्रण यादकर वह अधीर हो उठीं।

इसी अधीरता में वह एक बार फिर से गौरी मंदिर में पूजन करने चली गई। जहां वह बार-बार गौरी माता से श्रीराम को पति रूप में वरण करने की उनसे प्रार्थना करने लगी। उनकी ये अधीरता देखकर मां पार्वती हंसने लगीं और यह हंसी प्रतिमा में भी उभर आई। सीता जी बार-बार मां पार्वती से श्रीराम को जीवन में वरण करने का आशीर्वाद मांगने लगी। इसी दशा में वह अपने घर को लौटने लगीं, लेकिन बार-बार बहाने से पीदे से पलटकर देख लेती थीं, ऐसा करके उनके मन में प्रीत और भी बढ़ ही जाती है।

कलाकारों द्वारा भगवान राम और लक्ष्मण का पुष्प वाटिका में जाने की लीला का मंचन करते हुए दिखाया कि कि सीता स्वयंवर में गुरु विश्वामित्र के साथ भगवान राम और लक्ष्मण भी पहुंचे। सीताजी वाटिका में पूजा के लिए फूल तोड़ने गईं। वाटिका में फूल तोड़ने के लिए भगवान राम और लक्ष्मण भी पहुंचे। राम जब वाटिका में प्रवेश करने लगे तो माली ने रोक दिया। माली ने कहा कि यदि हम जाने भी देंगे तो अंदर बाग में बहुत से भंवरे हैं वे कमल के समान नेत्रों और कमल के समान मुख पर आकर मंडराने लगेंगे, यदि जाना है तो सीताजी की जय बोलकर जाएं। लीला को देख श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।

इस मौके पर अध्यक्ष दाऊ दयाल वार्ष्णेय, जयपाल सिंह चौहान, विशाल राज चौहान, श्याम मूर्ति वार्ष्णेय, प्रवीण वार्ष्णेय डॉबी भाई, सूरज वार्ष्णेय, मुकुल गुप्ता, अभिषेक वार्ष्णेय,बनवारी लाल गुप्ता, मोनू माहेश्वरी, अनिकेत गुप्ता,पकंज गुप्ता, गिरीश मोहन गुप्ता, विशाल वार्ष्णेय वैभव वार्ष्णेय आदि मौजूद रहे।

Dainik Lalsa
Author: Dainik Lalsa

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