हाथरस। शाकुन्तलम ग्रुप ऑफ एजुकेशन के शाकुन्तलम् इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मेसी व शाकुन्तलम् कॉलेज फॉर टीचर एजुकेशन के छात्र-छात्राओं, शिक्षक-शिक्षिकाओं व प्रबन्ध समिति द्वारा डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी की 138वीं जयंती के उपलक्ष्य में शिक्षक दिवस मनाया एवं स्मरण किया गया तथा देश एवं शिक्षको के प्रति उनके द्वारा किये गए विशेष कार्यों कि सराहना की गई तथा उनके छविचित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया गया ।
कॉलेज के संस्थापक राधेश्याम शर्मा ने छात्रों को शिक्षक दिवस के महत्व को बताते हुये कहा कि शिक्षक हमारे जीवन के निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। माता-पिता हमें जीवन देते हैं, परंतु जीवन को सही दिशा देने का कार्य शिक्षक करते हैं। संरक्षक राजेन्द्र शर्मा ने बताया कि शिक्षक उस दीपक कि तरह होता है जो अपना सब कुछ न्योछावर कर देश के भविष्य को प्रकाशवान करने मे अपना समस्त जीवन समर्पित कर देता है । राजेश शर्मा ने बताया कि शिक्षक न केवल हमें पुस्तकों का ज्ञान प्रदान करते हैं, बल्कि अच्छे संस्कार, अनुशासन और चरित्र निर्माण की शिक्षा भी देते हैं। बी. के. शर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुये कहा कि शिक्षक हमारे जीवन का एक अनमोल रत्न होता है, जो अंधेरे में भी उजाला कर देता है। अपने सपनों से भटकने पर हमें जो सही राह दिखाते है, वह शिक्षक कहलाते हैं।। संस्था के प्राचार्य दीपांशु गर्ग ने कहा कि आज के ए.आई.और गूगल के जमाने में भी शिक्षकों की जगह कोई नहीं ले सकता। मशीनें ज्ञान दे सकती हैं, लेकिन अच्छे संस्कार और सही रास्ता सिर्फ एक शिक्षक ही दिखा सकता है। इस अवसर पर चारुल, पारस सेंगर,सुधीर गौतम, डॉ. सुशील कुमार, ओमवीर सिंह, हिमांशु, अंजलि, निहारिका, अभिषेक आदि उपस्थित थे।












