
गुरूवार की दोपहर अचानक मौसम बदल गया। काले बादलों ने आसमान को घेर लिया, जिससे भगवान भाष्कर को भी छिपने के लिए मजबूर होना पड़ा, और दिन में ही रात जैसा अंधेरा छा गया। इसके बाद तेज धूलभरी आंधी चली और फिर तेज बारिश शुरू हो गई।
मौसम के अचानक मिजाज के बदलने के कारण सड़कों पर वाहन चालकों के सामने भारी परेशानी खडी हो गई। वाहन चालकों को कम विजिबिलिटी के कारण उन्हें हेडलाइट्स जलानी पड़ीं। आंधी की वजह से बिजली विभाग ने सप्लाई बंद कर दी। तेज आंधी और बारिश से जहां लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली, वहीं रोजमर्रा का जीवन भी प्रभावित हुआ। बाजार में खरीदारी करने आए लोग और राहगीर दुकानों व शेडों के नीचे शरण लेते दिखे। इस मौसम बदलाव से किसानों की फसलें भी प्रभावित होने की चिंता बढ़ गई है। आसपास के इलाकों में अभी भी रुक-रुक कर बारिश हो रही है और ठंडी हवाएं चल रही हैं। किसानों का मानना है कि यदि इसी प्रकार बारिश होती रही तो आगामी फसलें देरी से बुआई हो पाऐंगी और किसान को भारी नुकसान होगा।









