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July 22, 2024 10:56 am

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कांवण यात्रा एवं मोहर्रम को लेकर डीएम ने दिए सख्त निर्देशःबिना अनुमति न करें कोई कार्यःरखें निगरानी

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हाथरस-9 जुलाई। आगामी मोहर्रम एवं कांवड के पर्व को सकुशल सम्पन्न कराये जाने के दृष्टिगत जिला मजिस्ट्रेट अशीष कुमार ने समस्त उप जिलाधिकारियों को दिशा-निर्देश जारी किये हैं।
इस वर्ष श्रावण मास 22 जुलाई से प्रारम्भ होकर 19 अगस्त को समाप्त होगा, इस दौरान 5 सोमवार रहेंगे, जिनमें कांवड यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय व्यक्तियों द्वारा भी विभिन्न निकटस्थ शिवालयों, शिव मन्दिरों व अपनी आस्थानुसार अन्य पवित्र मन्दिरों पर जाकर पूजा-अर्चना की जाती है। शिवलिंग पर जल चढाया अर्पित किया जाता है। जिसमें बडी संख्या में महिलायें, बच्चे तथा बुजुर्ग भी सम्मिलित होते हैं।
इसी प्रकार इस वर्ष मोहर्रम का मुख्य 17 सम्पन्न होगा। मुहर्रम की 7, 8, 9ं एवं 10 तारीखे महत्वपूर्ण होती है। इन्ही तिथियों में ताजिया रखे जाते है तथा जुलूस निकालकर मातम किया जाता है, जिसमें बड़ी संख्या में बच्चे, बुजुर्ग व महिलायें सम्मिलित होती है। अतः पूर्व से ही अपने-अपने क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण कर ले जहाँ भीड़ इकट्ठा होने की सम्भावना हो उन स्थानों का पूर्व से ही चिन्हांकन कर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाये ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था उत्पन्न न हो सके।
मुहर्रम के जुलूस/मजलिस व अन्य आयोजन से सम्बन्धित अंजुमन/अखाड़ांे को सूचीबद्ध कर इनकी गोष्ठी कर ली जायें तथा कार्यक्रम सकुशल सम्पन्न कराने हेतु योजना बना ली जाये। यह भी सुनिश्चित किया जाये कि ताजियों की ऊँचाई पूर्व निर्धारित मानक से अधिक न हो।
जनपद के प्रत्येक थाना क्षेत्र में विशेषकर मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में ताजियेदारों के साथ पूर्व से ही बैठक सम्पन्न कर ली जाये तथा धर्म गुरुओं से संवाद स्थापित कर शान्ति व्यवस्था बनाये रखने की कार्यवाही सुनिश्चित कर ली जाये। प्रबुद्ध व्यक्तियों के साथ वार्ता व संवाद स्थापित कर शासन, उच्चाधिकारियों द्वारा प्रदत्त निर्देशों से अवगत कराया जाये।
जिन-जिन स्थानों पर किसी प्रकार का कोई विवाद परिलक्षित हो वहाँ विवादित स्थल का संयुक्त निरीक्षण कर ले और विवाद को सुलझाने के लिये प्रभावी कार्यवाही किया जाना सुनिश्चित करें।
किसी भी धार्मिक, सामाजिक अथवा राजनैतिक कार्यक्रम जिसमें काफी संख्या में जनभागीदारी सम्मिलित हो, वहाँ भीड नियन्त्रण हेतु पूर्व से ही कार्ययोजना बनाकर समुचित पुलिस प्रबन्ध कराते हुये अधिक से अधिक पुलिस बल का व्यवस्थापन किया जाये। पुलिस प्रबन्ध योजना में फोर्स की विजिविल्टी पर समुचित ध्यान दिया जाये तथा भीड नियंत्रण हेतु किये जा रहे पुलिस प्रबन्ध प्रभावी व सक्रिय पर्यवेक्षण सुनिश्चित किया जाये।
जुलूस के लिए पूर्व परम्परानुसार निर्धारित रास्तों के अतिरिक्त किसी नये रास्ते एवं किसी नई परम्परा की अनुमति कदापि न दी जाये।
जुलूस कार्यक्रमों के दौरान लोक व्यवस्था के प्रतिकूल आपत्तिजनक एवं अवैधानिक गतिविधियों न होने पाये। सार्वजनिक स्थल यथा बस स्टेशन, रेलवे स्टेशन और संवेदनशील स्थानों, धार्मिक स्थानों पर यथावश्यक व्यवस्थायें, चेकिंग करायी जाये।
जुलूस मार्ग पर प्रतिबन्धित आवारा पशु न आने पाये इसके लिये पूर्व से ही समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कर ली जाये। जुलूस के मार्ग का पूर्व से निरीक्षण कर लिया जाये तथा यह सुनिश्चित कर लिया जाये कि छतों/सड़कों पर पत्थर आदि एकत्रित न होने पाये। इस सम्बन्ध में ड्रोन कैमरे से निगरानी सुनिश्चित की जाये, ग्रामीण क्षेत्रों में जिला पंचायत राज अधिकारी/खण्ड विकास अधिकारी के माध्यम से व शहरी क्षेत्र में स्थानीय निकायों के       अधिशासी अधिकारियों के माध्यम से साफ-सफाई एवं पेयजल आपूर्ति आदि की व्यवस्था सुनिश्चित की जाये।
जिन मार्गों पर यातायात डायवर्जन किया जा रहा है तथा जुलूस निकलना है। इसकी सूचना विद्युत विभाग को दे दी जाये। विद्युत विभाग तथा स्थानीय प्रशासन से समन्वय स्थापित कर इन मार्गों पर प्रकाश की समुचित व्यवस्था करायी जाये। कहीं भी विद्युत दुर्घटना घटित न होने के सम्बन्ध में सतर्कता बरती जाये।
मुख्य मार्गों पर कहीं भी आवागमन बाधित न होने पाये। जुलूस में अस्त्र-शस्त्र का प्रदर्शन नहीं होना चाहिये। सार्वजनिक स्थलों तथा धार्मिक स्थानों पर मानक का उल्लंघन करते हुये     ध्वनि विस्तारक यन्त्रों (लाउडस्पीकर) का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबन्धित किया जाये। इस सम्बन्ध में माननीय सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेशों का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित कराया जाये।
सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहे भ्रामक      आपत्तिजनक मैसेज की सूचना तत्काल पुलिसध्प्रशासन को उपलब्ध कराने हेतु लोगों को सतर्क एवं जागरूक किया जाये। लोगों को अफवाहों पर ध्यान न देने के लिए प्रेरित किया जाये।
जनपद की सभी तहसीलों के समस्त उप जिलाधिकारी, स्थानीय मजिस्ट्रेट किसी भी कार्यक्रम, सभा, जुलूस या विरोध की अनुमति सभी सुसंगत तथ्यों का भली-भाँति परीक्षण किये बिना प्रदान नहीं करेंगे तथा इससे पूर्व प्रश्नगत आयोजन के सम्बन्ध में आयोजकगण से सभी प्रकार की सुसंगतध्आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित करने हेतु वचनबद्धता का प्रमाण शपथपत्र के रूप में प्राप्त करेंगे एवं किसी भी प्रतिकूल तथ्य अथवा परिस्थिति से तत्काल अधोहस्ताक्षरी को अवगत कराना सुनिश्चित करेंगे।
समस्त मजिस्ट्रेट अपने तैनाती, चैकी क्षेत्र में अवस्थित समस्त मस्जिद, ईदगाह के इमाम, प्रबंधक (मुतवल्ली), सम्भ्रान्त गणमान्य व्यक्तियों से वार्ता कर उन्हें अवगत कराएगें कि जनपद में धारा 144 लागू है तथा बिना अनुमति कोई भी कार्यक्रम, सभा, जलूस या विरोध, प्रदर्शन अनुमन्य नहीं है। बिना अनुमति के जुलूस या विरोध प्रदर्शन/हिंसा करने सार्वजनिक सम्पत्ति को क्षति पहुंचाने की स्थिति में गैंगस्टर एक्ट रासुका/सीएलए-7 आदि के अन्तर्गत कार्यवाही की जाएगी। विगत दिनों में बिना अनुमति के विरोध प्रदर्शन, हिंसा, सार्वजनिक संपत्ति को क्षति पहुंचाने वालों के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की गई, जिसमें उपद्रवियों की सम्पत्ति की कुर्की तथा अवैध निर्माण ध्वस्तीकरण की कार्यवाही भी सम्मलित है।
dainiklalsa
Author: dainiklalsa

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