उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के आदेशानुसार और जनपद न्यायाधीश विनय कुमार-तृतीय के दिशा-निर्देशन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अनु चैधरी ने वन स्टॉप सेंटर, हाथरस का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र की व्यवस्थाओं को परखा और वहां मौजूद पीड़ित महिलाओं से बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना।
शनिवार को निरीक्षण के समय वन स्टॉप सेंटर की संचालिका मनीषा भारद्वाज, फारिया नौशी और समस्त स्टाफ मौजूद मिला। सचिव ने परिसर की साफ-सफाई का जायजा लिया, जो संतोषजनक पाई गई। केंद्र पर तीन महिला पीड़ित उपस्थित मिलीं, जिनसे सचिव अनु चैधरी ने उनकी समस्याओं के बारे में विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि पीड़ितों के प्रति संवेदनशीलता अपनाते हुए उनकी समस्याओं का प्रभावी व समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें, ताकि उन्हें समय पर सहायता मिल सके। सचिव ने वन स्टॉप सेंटर की संचालिका को सख्त निर्देश दिए कि केंद्र पर आने वाली सभी पीड़ित महिलाओं की सूचना तुरंत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हाथरस को उपलब्ध कराई जाए। इससे इन मामलों को प्री-लिटिगेशन (वाद-पूर्व) स्तर पर दर्ज कर त्वरित कार्रवाई की जा सकेगी और महिलाओं को अदालती चक्करों से राहत मिलेगी। सचिव अनु चैधरी ने बताया कि वन स्टॉप सेंटर पर आने वाले पीड़ितों को कानूनी रूप से जागरूक करने और उन्हें तुरंत विधिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए एक पराविधिक स्वयं सेवक (च्स्ट) की नियमित ड्यूटी लगाई जाती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा समय-समय पर ऐसे निरीक्षण किए जाते हैं ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि पीड़ित महिलाओं को कानूनी, चिकित्सकीय और पुलिसीय सहायता पूरी निष्ठा के साथ मिल रही है।











