समस्याओं का समाधान न होने पर अधिवक्ताओं द्वारा आंदोलन को किया जाएगा उग्र
सिकंदराराऊ । तहसील में उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार न्यायालयों एवं कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार के विरोध में अधिवक्ताओं का कार्य बहिष्कार और धरना प्रदर्शन तीसरे दिन गुरुवार को भी जारी रहा। दी बार एसोसिएशन के बैनर तले अधिवक्ताओं ने ऐलान किया है कि यह आंदोलन समस्याओं के पूर्ण समाधान होने तक लगातार जारी रहेगा। तहसील परिसरों और न्यायालयों में फैले भ्रष्टाचार को लेकर अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश और रोष व्याप्त है। धरने के दौरान न्यायिक कार्यों के पूरी तरह ठप रहने से वादकारियों और आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। धरना सभा को संबोधित करते हुए विभिन्न वक्ताओं ने कहा कि कार्यालयों में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण आम जनता के हितों पर बहुत बुरा असर पड़ रहा है। वक्ताओं ने प्रशासन को जनभावनाओं का सम्मान करने और भ्रष्टाचार को तुरंत समाप्त करने की कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यदि शीघ्र ही सभी सरकारी और न्यायिक कार्यों को समयबद्ध तथा गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारित नहीं किया गया, तो इस आंदोलन को और अधिक व्यापक व उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी ।धरना सभा की अध्यक्षता दी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष डी.के. चौहान ‘शोला’ ने की तथा संचालन रनवीर सिंह चौहान (एडवोकेट) द्वारा किया गया ।
धरने में बार एसोसिएशन के सचिव राजेश बघेल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष भरत सिंह कुशवाह, कनिष्ठ उपाध्यक्ष योगेंद्र सिंह पुंढीर सहित वरिष्ठ व युवा अधिवक्ता गौरी शंकर गुप्ता, के.एम. कुलश्रेष्ठ, अवनेश कुमार शर्मा, महेंद्र सिंह यादव, वीरेश पुण्डीर, ओमप्रकाश गौतम, विपिन कुमार, सूरजपाल सिंह बघेल, उमेश चंद्र शर्मा, जितेंद्र कुमार, रवेंद्र यादव, प्रियांशु दरगढ़, शिवेंद्र बघेल, मनवीर सिंह बघेल, कुंवर पाल सिंह बघेल, मुनेश यादव, दिनेश माहौर, समीर यादव, कृष्ण कान्त बघेल और रोहताश कुमार बघेल आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।










