कोतवाली चैराहा सासनी-विजयगढ मार्ग स्थित श्री राधेश्याम स्वर्णकार सरस्वती शिशु विद्या मंदिर सासनी में वंदे मातरम के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में एक भव्य गायन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और आचार्यों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर संपूर्ण परिसर को देशभक्ति के तरानों से गुंजायमान कर दिया।
शुक्रवार को आयोजित कार्रक्रम की अध्यक्षता करते हुए हरीशंकर वार्ष्णेय ने कहा कि यह गीत केवल पंक्तियां नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता और सांस्कृतिक चेतना का प्रतीक है। इस अवसर पर कार्यक्रम के संयोजक सुरेश चंद्र वर्मा एडवोकेट, मुख्य वक्ता राजवीर सिंहएडवोकेट एवं कार्यक्रम साक्षी धीरेंद्र गांधी उपस्थित रहे। मुख्य वक्ता ने विद्यार्थियों को वंदे मातरम के ऐतिहासिक संदर्भ और राष्ट्र निर्माण में इसके योगदान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य विपिन पालीवाल, आचार्य नीरज कुमार, धर्मवीर पाठक, हरिओम शरण, हरेंद्र कुमार, अनुपमा, रौली, मांडवी, भारती, खुशबू, मनी और सीमा सहित समस्त विद्यालय परिवार की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभक्ति के जयघोष के साथ हुआ।












