हाथरस। दून पब्लिक स्कूल में विद्यालय प्रधानाचार्य जे.के. अग्रवाल के कुशल नेतृत्व में हिंदी दिवस एवं गणेश चतुर्थी के पर्व को बड़े ही हर्षोल्लास, श्रद्धा और सांस्कृतिक उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में हिंदी भाषा की महत्ता के साथ भारतीय संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों की मनोहारी झलक देखने को मिली।कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय प्रधानाचार्य जे.के. अग्रवाल एवं समस्त कोऑर्डिनेटरों ने मां सरस्वती एवं भगवान गणेश की प्रतिमा के समक्ष संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित एवं पुष्प अर्पित कर किया।
हिंदी दिवस के अवसर पर शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हिंदी भाषा के महत्व, उसकी समृद्ध विरासत एवं भारतीय संस्कृति में उसके योगदान को अपनी विविध प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया। समूह गीत, एकल गीत, सामूहिक नृत्य, गणेश वंदना नृत्य, कविताएं, हिंदी भाषा के आकर्षक खेलों ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिए। प्रस्तुतियों ने सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया और विद्यालय परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।तत्पश्चात प्रधानाचार्य एवं समस्त शिक्षक शिक्षिकाओं ने सिध्दी विनायक (गणेश)जी की स्थापना कर विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना की गई। तदुपरांत भजन-कीर्तन से विद्यालय परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठा।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य जे.के. अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संवेदना, संस्कार और राष्ट्रीय अस्मिता की पहचान है, उन्होंने कहा कि हिंदी दिवस हमें अपनी मातृभाषा के प्रति सम्मान और उसके अधिकाधिक प्रयोग का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है। उन्होंने सभी से हिंदी को अपने दैनिक जीवन में सहजता एवं गर्व के साथ अपनाने तथा भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने का आह्वान किया।
प्रधानाचार्य ने हिंदी दिवस और गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा कि भगवान गणेश बुद्धि, विवेक, शुभारंभ और सफलता के प्रतीक हैं। हमें उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर ज्ञान, अनुशासन, विनम्रता और सकारात्मक सोच को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए और अपनी मातृ भाषा हिन्दी का सम्मान करना चाहिए।समूचा कार्यक्रम उत्साह, उमंग, भक्ति और देशज संस्कृति के रंगों से सराबोर रहा।समारोह का सफल संचालन फाउंडेशन कोऑर्डिनेटर एवं हिंदी विभागाध्यक्षा नम्रता अग्रवाल तथा हिंदी शिक्षक हर्षवर्धन सिंह ने किया।












