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June 21, 2024 9:53 am

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रक्त की कालाबाजारी प्रकरण जांच में लीपापोती व जिम्मेदारों को बचाने का आरोप

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हाथरस-15 मार्च। बागला ब्लड बैंक में तैनात स्टाफ द्वारा डोनर कार्ड का दुरुपयोग कर रक्त की कालाबाजारी करने वाले दोषियों के खिलाफ कार्यवाही की जगह जांच में लीपापोती के आरोप लगाते हुए लीपापोती करने वाले जांच अधिकारी सीएमएस डा.सूर्य प्रकाश की शिकायत जिले के प्रभारी मंत्री, जिलाधिकारी व सदर विधायक से कर कार्यवाही की मांग की गई है। उक्त शिकायत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के माध्यम से उच्च स्तर पर भी भेजी गई है।
उल्लेखनीय है कि एसोसिएशन ऑफ डेमोक्रेटिक हृयूमन राइट्स के राष्ट्रीय महासचिव प्रवीन वाष्र्णेय ने रक्त की कालाबाजारी को लेकर ज्ञापन सीएमओ डा.मनजीत सिंह को 28 दिसंबर को दिया था। प्रकरण की जांच के लिए सीएमएस डा. सूर्य प्रकाश की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया गया। शिकायत में आरोप लगाते हुए कहा गया है कि जांच कमेटी के अध्यक्ष डा.सूर्य प्रकाश ने अपने चहेते कर्मियों को बचाकर जांच में लीपापोती कर दी। रक्त लेने वाला स्वयं वीडियो में कह रहा है कि मैं सरकारी ब्लड बैंक से 2100 रूपये में रक्त की यूनिट लेकर आया हूँ, फिर भी जांच कमेटी के अध्यक्ष डा. सूर्य प्रकाश ने कोई कार्यवाही नहीं की। क्योंकि जो-जो ब्लड बैंक कर्मी इस रक्त की कालाबाजारी के रैकेट में संलिप्तत है, वह डा. सूर्य प्रकाश के खासमखास और चहेते हैं। इनके इशारों पर कार्य करते हैं और ऐसी खबरें मिली है कि जिला अस्पताल में बहुत बडा गोरखधंधा सीएमएस डा.सूर्य प्रकाश के इशारों पर यही खासमखास कर्मी करते हैं। इसी कारण इनकी तैनाती डा.सूर्य प्रकाश द्वारा की गई है।
आरोप है कि उक्त ज्ञापन के बाद कालाबाजारी मे संलिप्त ब्लड बैंक कर्मियों मे खलबली मच गई और अपने बचाव में ब्लड बैंक कर्मियों ने इरफान पर दबाव बनाना प्रारंभ कर दिया। ब्लड बैंक इंचार्ज कमलेश कुमार ने अपने मोबाइल नंबर से 28 दिसंबर को समय लगभग सांय 5.16 मिनट पर इरफान के मोबाइल नंबर पर फोन पर जल्द से जल्द बागला अस्पताल पहुंचने के लिए कहा। ना आने पर इस प्रकरण में फंसने की बात कही। इरफान डर की वजह से दबाव में आ गया और अस्पताल पहुंच गया। ब्लड बैंक इंचार्ज कमलेश कुमार ने इरफान को दबाव में लेकर एक पत्र लिखवाया कि मुझसे 1100 रूपये ही लिए गए हैं। मैंने कोई भी अतिरिक्त राशि नहीं दी है। यह जानकारी भी इरफान ने मेरे द्वारा फोन करने पर बताई, जिसकी बातचीत की रिकॉर्डिंग फोन में मौजूद है। तब मैं इरफान से जाकर मिला तो तब उसने बताया कि ब्लड बैंक से फोन आया था। मैंने उसकी फोन की डायलिंग की फोटो भी खींच ली, जिसमें ब्लड बैंक इंचार्ज कमलेश कुमार के मोबाइल नंबर से कॉल आना दर्शाया गया है तथा साथ ही साथ इरफान ने फोन पर बातचीत में कहा कि अब उन्होंने मुझसे 1100 रुपये देने की बात लिखवा ली है। तब मैंने कहा कि तुम्हें तो केवल सच्चाई ही सामने लानी है। उक्त प्रकरण में रक्त की कालाबाजारी करने वालों को बचाने के उद्देश्य 1100 रुपये ब्लड बैंकिंग चार्ज द्वारा लेने का पत्र लिखवाना, इरफान के फोन पर फोन जाना, कई ब्लड बैंक कर्मियों की साजिश नजर आती है जो इसमें संलिप्त है।
जांच कमेटी के अध्यक्ष सीएमएस डा. सूर्य प्रकाश द्वारा उक्त रक्त की कालाबाजारी करने वाले ब्लड बैंक कर्मियों को बचाना सीएमएस की भूमिका को दर्शाता है।जांच कमेटी ने स्पष्ट तथ्यों को नकार कर अपने चहेते स्टाफ को बचाने के उद्देश्य से गलत तथ्य दर्शाकर लीपापोती कर दी है।
शिकायत में कहा गया है कि इससे यह यकीन हो रहा है कि कहीं यह रक्त की कालाबाजारी का घिनौने कृत्य प्रकरण में शिकायतकर्ता प्रवीण वार्ष्णेय का कहना है कि मैने अपने ब्यानों मे लैटर लिखवाने के सबूत उपलब्ध कराये थे, उनको कहीं भी सम्मलित नहीं किया गया है।
शिकायतकर्ता प्रवीण वाष्र्णेय द्वारा उक्त प्रकरण की निष्पक्ष तरीके से जांच व दोषियों के खिलाफ एवं सीएमएस डा. सूर्य प्रकाश की भूमिका की जांच कर विभागीय कानूनी कार्यवाही कराने के लिए पुनः लिखित शिकायत जिले के प्रभारी मंत्री असीम अरूण, जिलाधिकारी अर्चना वर्मा व सदर विधायक अंजुला सिंह माहौर के साथ साथ ट्विटर व सोशल मीडिया के द्वारा की गई है।

dainiklalsa
Author: dainiklalsa

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