Explore

Search
Close this search box.

Search

June 13, 2024 1:05 am

Our Social Media:

लेटेस्ट न्यूज़

होठों से मेरी छीन कर मुस्कान ले गया- नसीर नादान

WhatsApp
Facebook
Twitter
Email

बृज भाषा व हिंदी साहित्य के मशहूर कवि हरिप्रसाद निराश की स्मृति में नगला गढ़ू में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसमें स्थानीय एवं बाहर से आए हुए कवियों ने एक से बढ़ कर एक कविताएं सुना कर श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया। कवि सम्मेलन की
मंगलवार को मां सरस्वती के छवि चित्र के समक्ष अध्यक्ष द्वारा दीप प्रज्वलन करने व कवि नरेंद्र मोहन गुप्ता की सरस्वती वंदना किए जाने के बाद श्री प्रसाद पाठक ने कवि हरिप्रसाद पाठक निराश के जीवन परिचय और उनकी काव्यगत शैली के बारे में विस्तार से बताने के बाद उन्होंने उनकी रचनाओं का काव्य पाठ किया। तत्पश्चात नरेंद्र मोहन गुप्ता ने सुनाया पिता के कर्ज को देखो चुका कोई नहीं सकता मां की ममता को देखो चुका कोई नहीं सकता मां दुनिया में लाती है पिता दुनिया सजाता है इसके बाद रामनिवास उपाध्याय ने सुनाया- पट्टी और बुद्धिका हमते जब ते छूट गयौ तब ते बुद्धि के तारे को हुड़का टूट गयौ। तत्पश्चात कवि एवं शायर नसीर नादान ने अपनी कई गजलों और गीतों से श्रोताओं का दिल जीता-होठों से मेरी छीन कर मुस्कान ले गया वह इस तरह गया कि मेरी जान ले गया इसके बाद अलीगढ़ से पधारे विनोद कुमार जायसवाल ने सुनाया आंखों में मैंने अश्क लिए छोड़ा था अपनों को इसके बाद कभी महेंद्र पाल सिंह ने सुनाया- शब्द भव्यता की गहराई से जहां बाहर आता हो परमपिता परमेश्वर ही जहां सबको मार्ग दिखाता हो। इसके बाद श्रीकांत पाठक ने श्री हरिप्रसाद निराश के जीवन परिचय और साहित्यिक सेवाओं को काव्यबद्ध करते हुए सुनाया-शत शत वंदन शत अभिनंदन शत शत नमन करूं श्रद्धा सुमन करुं अर्पित निज मन में मोद भरूं। हास्य कवि वीरपाल सिंह वीर ने सुनाया-हंस करके जी भर के जिंदगी का मजा लीजिए मैडम हो साथ गले में डाल हाथ थोड़ा-थोड़ा लबों से लव कीजिए। व्यंग कवि वीरेंद्र जैन नारद ने सुनाया-कवि वही महान होता है जो बीवी से परेशान होता है ।इसके बाद संचालन कर रहे मुरारी लाल लाल शर्मा मधुर ने सुनाया-हरिप्रसाद जी स्तंभ हमारे स्मृति महोत्सव मना रहे कवि लेकर भाव मनोहर प्यारे। इसके बाद सभी कवियों को आयोजकों द्वारा स्मृति चिन्ह प्रदान करने आगंतुकों का आभार व्यक्त करने के साथ ही कवि सम्मेलन का समापन हो गया। कवि चैपाल की अध्यक्षता अलीगढ़ से आए कवि एवं शायर नसीर नादान ने की। तथा संचालन कवि मुरारी लाल मधुर ने किया।

sunil sharma
Author: sunil sharma

Leave a Comment

Advertisement
लाइव क्रिकेट स्कोर