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June 21, 2024 10:42 am

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सहायक अध्यापक प्रकरण में हाईकोर्ट ने बीएसए से मांगा स्पष्टीकरण में

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हाथरस-28 फरवरी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी से उच्च न्यायालय ने न्यायालय में दाखिल अधूरे प्रपत्र पर स्पष्टीकरण मांगा है। उक्त मामला पिछले काफी दिनों से चर्चाओं में है।
उल्लेखनीय कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा विगत दिनों सिद्धार्थ कुमार सहायक अध्यापक प्राथमिक विद्यालय नगला बिहारी विकास खंड मुरसान को कराई गई जांच में दोषी मानते हुए उत्तर प्रदेश सरकारी सेवक नियमावली 1999 में निहित वृहद दण्ड प्रक्रिया के तहत सेवा से हटाए जाने को पूर्णतः पात्र कर्मी माना तथा सिद्धार्थ कुमार की कार्यशैली एवं आचरण में सुधार का एक अंतिम अवसर देते हुए सेवा से हटाए जाने के स्थान पर वृहद दण्ड स्वरूप स्थायी प्रभाव के साथ आगामी एक वार्षिक वेतन वृद्धि को अवरुद्ध करते हुए हिदायत दी की यदि भविष्य में सिद्धार्थ कुमार अमर्यादित, अनुशासनहीनता एवं अनियामितत तथ्यों के आधार पर दोषी पाया जाता है तो उनका पक्ष सुने बिना ही आरोपों के आधार पर सेवा से हटा दिया जाए, यह आदेश बीएसए द्वारा दिया गया था। जिस पर पीड़ित सिद्धार्थ कुमार द्वारा हाईकोर्ट में न्याय की गुहार लगाई गई।
पीड़ित सिद्धार्थ कुमार द्वारा हाईकोर्ट में लगाई गई न्याय की गुहार पर उच्च न्यायालय द्वारा मामले में संज्ञान लेते हुए निर्देश दिया है कि रिट याचिका में प्रतिवादीगणों द्वारा अधूरा आदेश क्यों लगाया गया है। जिससे प्रथम दृष्टया यह प्रतीत होता है कि जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बिना देखे ही विवादित आदेश पर हस्ताक्षर कर दिए। जिस पर उच्च न्यायालय द्वारा प्रतिवादीगणों से स्पष्टीकरण मांगा है। उक्त मामले में पीड़ित सिद्धार्थ कुमार द्वारा जिले के आला अधिकारियों से कई बार प्रार्थना पत्र के माध्यम से अपनी शिकायत पेश कर चुके हैं। परंतु कहीं भी कोई राहत न मिलने पर आखिरकार उन्होंने उच्च न्यायालय जाकर न्याय की गुहार लगाई गई है।

dainiklalsa
Author: dainiklalsa

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