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June 21, 2024 10:54 am

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वेदना दायक अंतिम कष्टों को झेल रहे पीडितों को अपनाता है

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हाथरस-6 अप्रैल। किसी भी आश्रयहीन, असहाय, लावारिस, बीमार को सेवा एवं संसाधनों के अभाव में वेदना दायक पीड़ा एवं असामयिक मृत्यु का शिकार होने से बचा सकें, इसी परिकल्पना को साकार करने हेतु प्रयासरत अपना घर आश्रम की रेस्क्यू टीम द्वारा अलीगढ़ रोड स्थित सेंट फ्रांसिस स्कूल एवं शिल्पा गेस्ट हाउस के पास से दो मानसिक रूप से विक्षिप्त प्रभु स्वरूपों को सेवा एवं उपचार हेतु रिस्क पर अपना घर आश्रम में भर्ती कराया गया है।


आश्रम प्रभारी सत्येंद्र चैधरी द्वारा बताया गया कि वर्तमान में अपना घर आश्रम में 71 प्रभु स्वरूप सेवाएं ले रहे हैं। संस्था में सभी प्रकार की आवश्यकताओं हेतु प्रतिदिन ठाकुर जी को आश्रम की आवश्यकताओं की चिट्ठी लिखी जाती है। मानना है कि ठाकुर जी विभिन्न स्वरूपों में आकर इन आवश्यकताओं को पूरा करते हैं।
इस संस्था का शुभारंभ सर्वप्रथम भरतपुर राजस्थान से डॉ. बी.एम. भारद्वाज एवं उनकी धर्मपत्नी डॉ. माधुरी भारद्वाज द्वारा किया गया। वर्तमान में अपना घर आश्रम की 61 शाखाएं देश भर में संचालित हैं। अपना घर आश्रम एक ऐसा सेवा सदन है, जहां सेवा को पूजा एवं मानव सेवा को माधव सेवा माना जाता है। सेवा को उपकार नहीं दायित्व समझा जाता है। अपना घर आश्रम परिवार ऐसे आश्रयहीन, असहाय, लाचार प्रभु स्वरूप पीड़ितों को सेवार्थ को अपनाता है जो जीवन के अंतिम पड़ाव में रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, फुटपाथ, सड़कों के किनारे, सार्वजनिक एवं धार्मिक स्थलों पर पड़े वेदना दायक अंतिम कष्टों को झेलते हुए जिंदगी और मौत से संघर्ष कर रहे होते हैं। इन दीन जनों को संस्था द्वारा अपनापन, चिकित्सा, भोजन, आवास, वस्त्र सेवा जीवन यापन की सभी मूलभूत आवश्यकताओं से परिपूर्ण अपना घर में उपलब्ध कराया जाता है। यह समस्त व्यवस्थाएं जन सहयोग से ही संचालित होती हैं। अपना घर

dainiklalsa
Author: dainiklalsa

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